**हिंसा दुनिया भर में महिला कामगारों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करती है, जिसका सबसे आम रूप यौन उत्पीड़न है। महिलाओं के विरुद्ध हिंसा महिलाओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन है। यह लैंगिक समानता में बाधा है। कार्यस्थल पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा एक मौलिक संघ संबंधी मुद्दा है जो महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा को प्रभावित करता है।**
**महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के सभी रूप अस्वीकार्य हैं!**
हमारा संघ निम्नलिखित के लिए प्रतिबद्ध है:
- 1महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और उत्पीड़न के सभी रूपों के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखना और लिंगभेद तथा हिंसा को बनाए रखने वाले रवैयों और कार्यों की निंदा करना।
- 2लिंग के मुद्दे को हमारे संघ में प्राथमिकता के रूप में संबोधित करना और महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन की रोकथाम तथा उसके विरुद्ध संघर्ष के उद्देश्य से गतिविधियाँ चलाने के लिए आवश्यक संसाधन आवंटित करना।
- 3अपने सदस्यों, कर्मचारियों और प्रतिनिधियों में जागरूकता बढ़ाकर तथा कार्यस्थल और हमारे संघ में हिंसा और उत्पीड़न को समाप्त करने के महत्व पर प्रशिक्षण प्रदान करके हमारे संघ में महिलाओं के प्रति सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देना।
- 4अपने सदस्यों को विशेष रूप से कार्यस्थल पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और उत्पीड़न का सक्रिय रूप से सामना करने के लिए प्रोत्साहित करना।
- 5महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम और उसके विरुद्ध संघर्ष के उद्देश्य से अभियान आयोजित करना।
- 6नियोक्ताओं से माँग करना कि वे अपने कार्यस्थलों पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के सभी रूपों को रोकने और उसका मुकाबला करने के लिए नीतियाँ और प्रक्रियाएँ विकसित करें, तथा ऐसी सुरक्षित व्यवस्थाएँ स्थापित करें जिनका सहारा महिलाएँ कार्यस्थल पर उत्पीड़न या हमले का शिकार होने पर ले सकें।
- 7महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और उत्पीड़न को समाप्त करने की माँगों को हमारे सामूहिक सौदेबाज़ी में शामिल करना।